परिचय: हिंदी सैड शायरी – Hindi Sad Shayari
सैड शायरी (Sad Shayari) तलाश उन लोगों द्वारा की जाती है जिन्होंने अपने जीवन में बहुत कष्ट झेले हों। और यह दर्द प्रेम, परिवार, जीवन, अकेलेपन और कई अन्य चीजों से आता है। और ये मधुर रिश्ते कभी-कभी किसी के अभिमान, इच्छाओं, जरूरतों और के कारण या गलतफहमियों के कारण टूट जाते हैं। टूटे हुए रिश्तों का दर्द लोगों को बहुत गहरा लगता है, जिसे छुपाना बहुत मुश्किल होता है। साथ ही, लोग कई तरह से पीड़ित होते हैं: पारिवारिक कलह, ज़िंदगी में कुछ न मिलने का दर्द, और जब इंसान अकेला होता है, चाहे वो मन के स्तर पर हो या असल ज़िंदगी के स्तर पर। और इस दर्द को बाँटने के लिए लोग तरह-तरह के तरीके ढूँढ़ते हैं, वो किसी न किसी तरह अपना दर्द बाँटना चाहते हैं।
तो इस पोस्ट में आपके लिए कुछ भरी सैड शायरी (Sad Shayari) दी गई हैं, जिन्हें पढ़कर या शेयर करके आप अपना दुख दूसरों के साथ साझा कर सकते हैं। मुझे आशा है कि आपको इस पोस्ट की सयारिस पसंद आएंगी, और आप अपने जीवन के लिए उपयुक्त शायरी पा सकेंगे।
बिना किसी देरी के, आइए एक नजर डालते हैं सैड शायरी:
टूटे दिल की साद शायरी (Broken Heart Sad Shayari)
तेरे जाने से ख़ामोश हुई मेरी राहें, खुद से बातें करके भी अब हो जाते हैं बेहाल। 😢
ख्वाबों में जो सजाया था तुझको, हकीकत ने बिखेर दिया हर सपना बेहिसाब।
उसने कहा “विदा,” और दिल टूटा, अब हर शाम अकेलापन साये में चमकता है। 🌙
तेरी यादों ने मुझको बना दिया राहगीर, हर मोड़ पर ढूँढ़ता हूँ तेरा अक्स फीका-सा।
यकीन था साथ तेरा सदा रहने का, लेकिन समय ने तुम्हें दिखा दिया है कि कैसे पीठ मोड़नी है। 💔
उसने थामा था हाथ मेरा विश्वास में, आज उसी हाथ ने मुझे छोड़ा अँधेरे पास में।
तेरी वफ़ा का मंज़र था फूलों सा खूबसूरत, धोखे का रंग मिला तो छाँव भी दिखी बेरंग।
टूटे अरमानों ने घर बसाया दिल में, वहाँ हर ख्वाहिश हुई एक तन्हा दास्ताँ।
साथ तेरे बही हवाएँ मीठी थीं, जुदाई की आंधी ने सब कुछ धूल चाटा दिया।
सपनों का कैनवास रंगीन था बहुत, रोकता रहा दर्द ने हर रंग को फीका करके।
उसने कहा “यहीं रुको,” पर चला गया एक ही लफ्ज़ कहकर “विदा।”
मेरा आशियाना तेरे नाम लिखा था, जुदाई ने मिटा दिया वो पूरा फ़साना। 🌹
दिल का दर्पण टूट गया हवाओं में, तेरी यादों ने सौंदर्य बना दिया हर टुकड़ा।
वो पल अब ग़ायब हो गए रेशम सरीखे, दर्द की नमी छोड़ गए निशान-ए-हयात में।
तेरे साथ हँसता था मैं फूलों की तरह, जुदाई ने मुझे कांटों पर बिखेर दिया।
यादों ने चुपके आकर गले लगाया, आँसू ने चुपचाप जज़्बातों की हद पार की। 😔
तेरा नाम लब से गिरने ना दूँ, मगर जुदाई ने उसके सीने में भूचाल मचा दिया।
विश्वास की काशी में खंडहर खड़े, दिल अब भी चिंगारी ढूँढ़ता है राख में।
मैंने चाहा था तुझे हमेशा का साथी, मिला दर्द का वारिस, जज़्बातों का क़ातिल।
तेरी मुस्कान का असर अभी भी रूह पर, टूटे दिल से निकली हर धड़कन में तेरा सुर।
तुम जो चले गए, किनारा खो गया, मेरे दिल का इक टूटा जहाज़ खो गया।
ख्वाबों में बसाया था तुम्हें, हकीकत ने सब कुछ उजाड़ दिया।
उसने कहा परे रहना है तुम्हें, अब खुद से ही कोई सवाल करता हूँ।
सोचता था साथी एक उम्र के लिए, मिले जुदाई के अंकलिंग लफ़्ज़ों के लिए।
तेरी वफ़ा का ठिकाना बदल गया, मेरा भरोसा भी कल सुबह ढल गया।
साथ बिताए लम्हें याद आते हैं, अब तन्हा सी रातों में रो पड़ता हूँ।
उसने मुझको आलिंगन में गिराया, और फिर अपनी राहों पर ही लुटाया।
ख़ुशियों की आस सजाई थी तेरे नाम, मिली तन्हाई, गुलज़ार हुआ जाम।
यकीन था मुझको, तू नहीं छोड़ेगी, पर वक़्त ने तेरी राहें मोड़ दी।
यादों ने बैठा दिया सूनी गलियों में, दर्द ने रंग दी मेरी तन्हा पीरियों में।
मैंने सोचा था, तू ही मेरी मंज़िल, मगर तू निकल गई मेरी तक़दीर से मिल।
टूटे अरमान बिखर गए ज़माने में, हर खुशी शायर कर दी हवाओं में।
तेरा नाम लेके मुस्कुराया किया, अब सुनके भी दिल भर-भर न रोया।
उसने दबोचा था मुझे हक़ीक़त में, और छोड़ गया सपनों के काफिले ज़मीं पर।
मेरा आशियाना तेरा था माना, आज उदासी का है मेरा फसाना।
ख़ुशियों का मेज़ तुझे बुलाता था कभी, आज सिर्फ़ दर्द ही मेरा साथी होता है।
मैंने ख़ुशियाँ ढूंढ़ीं तेरी बाहों में, मिल गया अन्धेरा तेरे धोखे के बाद।
तूने तोड़ा थामा हाथ मेरा, मेरी दुनिया ढह गई रात के डेरा।
थी दुआएँ मेरी बस तेरे लौट आने की, पर हुई लाश मेरी उम्मीदों की दीवार गिरने की।
तेरा साथ था जीवन की रौनक मेरी, जुदाई ने बदल डाले सारे रंग तेरी।
तन्हाई की साद शायरी (Loneliness Sad Shayari)
भीड़ में खोया हूँ, फिर भी तन्हा, खामोशी से बातें करता हूँ अपने दिल से।
रात जब चादर ओढ़ लेती है, तन्हा दिल एक सहारा चाहता है। 🌙
दीवारों से करता हूँ मैं गुफ्तगू, पर कोई जवाब नहीं मिलता दीवारों से।
कुर्सी पर खामोशी बैठी ही रहती, और मैं उसको आवाज़ दे देता हूँ दर्द से।
मोबाइल में फोटो देखने को भी जी चाहता, पर स्क्रीन पर कोई हँसी नहीं बची मेरे लिए। 😞
चाय की प्याली में यादों की तलछट, हर घूँट के साथ गहराता जाता है बेचैनी का सागर।
अकेलेपन ने गले लगाया, मैंने भी उसे अपना दोस्त समझ लिया।
सन्नाटे को भी तोड़ती नहीं कोई आवाज़, बस दिल की धड़कन सुनाता हूँ खुद को।
तन्हा पंछी उड़ चला किसी उरे राह में, पर मैं वहीं रुक गया, उसी खामोश हवा में।
हर शाम का रंग फीका पड़ जाता है, जब साथ नहीं होती मेरी धड़कन की आवाज़।
यादें आती हैं चुपके से गले लगाने, पर मैं संभलता हूँ उसकी भील-सी चुभन पर।
खिड़की से बहता अँधेरा भी अजनबी, और दिल कहता है – “कहीं तू भी तन्हा तो नहीं?”
आँधियों ने जकड़ा है रूह को, अब हर सांस खामोशी में लिपटी रहती है।
अकेलेपन ने दी सजा ज़िंदगी को, सौ बार मरकर भी कोई दिलासा नहीं मिल पाया।
तन्हा रात में लिखा गया हर अल्फाज़, जागते-नींद में बस तेरी कमी का राज।
कोई गूँज नहीं साथ कदमों में, लेकिन दिल की किताब हर रोज़ खोलता हूँ खुद से।
मेरे ठहरते लम्हों की आदत नहीं, तन्हाई ने सिखाया धड़कनें धीमी करना।
सुनसान राहें याद दिलाती हैं, कभी साथ चलते थे हम यहाँ भी।
तन्हाई में मिली रचनात्मकता की बौछार, मगर दिल ने कहा – “ये शांति भी एक दर्द है।” 🎨
रात की तन्हाई में गूंजती आवाज़, “तू ही बता, क्यों सुकून नहीं मिलता?”
चुपके से आकर बैठती है तन्हाई, बोल पड़ती हूँ मैं ख़ामोशी से जुबाँ पर।
हर भीड़ में बस तू ही नहीं मिलता, दिल को तेरी कमी से राहत नहीं मिलती।
चाय की प्याली में तेरा नाम लेती हूँ, सो जाती हूँ ख़्वाबों की चादर ओढ़कर।
दूपहरी की धूप में भी साया नहीं, तन्हा दिल पर अब कोई सहारा नहीं।
रात जब काली चादर ओढ़ लेती है, अकेली हवा मेरी आह को छूती है और चली जाती है।
दीवारों से बातें कर लेती हूँ अक्सर, पर कोई जवाब नहीं मिलता मेरे तहख़ाने में।
ख़ुद से लड़कर थक गई हूँ आज, फिर भी तन्हाई से रूहानी बाज़ी लगाई।
सुनसान गलियों में कदम गूंजते हैं, पर कोई शहर नहीं मिलता मेरे नींदों में।
मोबाइल स्क्रीन पर तस्वीर देखती हूँ, पर कोई हंसी नहीं देती वहाँ मेरी।
तन्हाई ने मुझको शिकवा कर दिया, मैं भी उसके दर्द को अपना दर्द समझा।
खिड़की से टपकती धूल मानो कह रही, तेरी यादों का सारा घर भूल जाऊँ।
अकेलेपन ने कहा – “मैं ही हूँ तेरा साथी,” मैंने कहा – “पर तेरी भी कोई दवा नहीं।”
मेरी तन्हाई ने आज जिगर पर वार किया, मैं नहीं टूटता, बस रूह हिल गई।
हंसी के पीछे छुपे दर्द को पहचान लो, तन्हा दिल ने सारा जहाँ बहलाया है।
सुनसान कमरे में तेरी गूँज बसती है, मेरे दिल की तन्हा धड़कन चीख़ उठी।
अकेलेपन की राहों ने सिखाया, ख़ुद से प्यार करना भी तन्हाई में मिलता है।
रात की नींद लुट गई, तन्हाई ने कहानियाँ सुना दी।
हर कटती घड़ी एक लम्हा कितना लंबा, तन्हाई ने सिखाया सब्र की परिभाषा।
चाहा था लोगों से जुड़ना, मिला दिल की तन्हा तर्ज़ पर चलना।
तन्हा पंछी उड़ चला कहीं आसमानों में, मैं अभी भी उसी खामोश हवा में फंसा हुआ हूं।
ग़म और दर्द की शायरी (Depression & Emotional Sad Shayari)
दर्द की आग ने रूह को जलाया, पर मेरे आँसू ने उसे बुझा दिया। 💧
आँसुओं ने लिख दी पीड़ा की दास्ताँ, हर शब्द में बसा है एक कटु सच।
चुपचाप दिल ने होली खेली दर्द से, रंगों की जगह बस लकीरें रह गईं।
आँखों की खिड़की पर जमी धूल ने कहा, “क्यों रोता है तू हर टूटे ख्वाब पर?”
दर्द ने बाँध डाले जज़्बातों की लिफाफ़ा, मैं भी खो गया उसी बंद ज़माने में।
रातों नेéticas (नींदें) उड़ाई, और दिल ने पूछ लिया – “क्या जीना बाकी?”
जख्मों ने गीत गाए ख़ामोशी के सुर पर, पर कोई समाँ नहीं बँधा दर्द की पनाह में।
रेशमी यादें लुटाती हैं पीड़ा, और मैं जीता हूँ उसकी छाया में।
दर्द के समंदर में खोजा सुकून, मिला बस एक तूफ़ान और भारी। 😔
ज़माने की बेरुखी ने सींचा मुझे, मेरा दर्द बन गया इक कहानी पुरानी।
आँसू छलकते हैं अनकहे सवालों पर, दिल थक जाता है हर टूटे वादे पर।
दर्द की कली खिलाई है आँखों ने, ख़ुशियों की गठरी जला दी हवाओं ने।
दर्द ने दिया मुझे सच्चाई का उपहार, पर लगा वो भी एक कसौटी ख़ौफ़नाक।
हर लम्हा तन्हा पुकारता है रूह को, दर्द ने बाँध दिया मुझको खामोशी में।
दर्द का सफर लंबा है बेसब्री भरा, फिर भी मैं मुस्कुरा देता हूँ खामोशी से।
दिल ने चुनी है राह पीड़ा की, मगर रूह को मिली है एक नई उड़ान।
दर्द ने पूछा – “क्या फिर भी मुस्कुराओगे?” मैंने कहा – “इस तनहाई में भी जीऊँगा।”
खामोशी में मिली आवाज़ दर्द की, और मैंने गूँजाया उसे साहस की तरह।
जख्मों पर लिखी कविता खामोश नहीं, हर शब्द कहता है – “मैं यहाँ हूँ अभी।”
दर्द की दीवारें ऊँची थीं बहुत, मैंने छलाँग लगा कर पाया खुद को आज़ाद। 🕊️
दिल के किराए पर रखा है दर्द को, हर घड़ी की कमी ने फिर नया शिकवा किया।
सांसों में घुला है दर्द का सुरूर, हर धड़कन ने पूछा – “क्यों करता है ज़ोर?”
आँसू छलकते हैं अनजाने सवालों पर, दिल थक गया इन टूटे अरमानों पर।
दर्द की आग में जलकर भी चुप रहता हूँ, मेरी चुप्पी ने सब कुछ कह दिया।
चुपचाप दर्द को बाँहों में सजाया, मुस्कान से दुनिया को बेवकूफ़ बनाया।
रात की चादर में छुपा मेरा यक्ष प्रश्न, “क्यों टूटते हैं अरमान यूँ बेहिसाब?”
आँखों में दर्द का साकी उलझता चला गया, दिल ने पूछा – “क्या फिर भी जीना चाहता?”
ज़माने की बेरुखी ने कटा दिया पूरा, मेरे दुख ने किया मुझको खूबसूरत।
दर्द ने मुझको तोहफ़ा दिया सच का, रह गया बस एक सुनसान चेहरा।
जख्मों ने ख़ामोशी को दोस्त बना लिया, वो भी अब मेरे हंसने की वजह नहीं रहती।
दर्द की लकीरों ने लिख दी कहानियाँ, अब ख्वाब भी मेरे आँसू बनकर बिखरते हैं।
दिल की गहराई से उठती है आहें, पर कोई सुनने वाला नहीं होता पास यहाँ।
दर्द की गुल्लक में जमा किए सारे जज़्बात, चाबी कही मिलती नहीं है इस तिजोरी पर।
रूह के अंधेरों में खोजना मुश्किल सुख को, दर्द ही चला देता है फिर उसी यात्रा पर।
हर लम्हा तन्हा चीख़ता है दिल के कोने में, दर्द ने दीवारें खड़ी कर दीं मेरी दीवारों में।
किसी ने पूछा – “मुश्किल क्यों होती है जीना?” दर्द ने मुस्कुरा के दी एक गहरी तस्लीम।
इश्क़ का नाम लिया, दर्द ने हंसकर कहा, “चूस लेता हूँ हर ख़ुशी तेरी बाँहों की तरह।”
आँधियों ने तोड़ा सब कुछ बाहर, पर दर्द ने भीतर दौड़ाई सुनसान सहर।
दिल की अदालत में दर्द सज़ा देता है, रोकर भी कोई फ़ायदा नहीं होता यहाँ।
जीवन की राहों पर बिखरा पड़ा दर्द, मैंने सीखा है इससे जीना बेपरवाह।
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धोखे और बेवफाई की शायरी (Betrayal Sad Shayari 2025)
उसने कहा “साथ निभाएंगे,” फिर वह खुद मुझे यादों की दुनिया में छोड़ कर चला गया।
उसकी वफ़ा थी एक धूप-सा फरेब, हर मौसम में इसने मेरी आत्मा को जलाया है। 🌞
दिल ने बांधा था उम्मीद का फंदा, बेवफ़ाई ने काट दिया धड़कनों का धागा।
प्यार की किताब में लिखा था उसका नाम, धोखे ने मिटा दिया हर पन्ना बेरहमी से।
विश्वास के बाग़ में खिला था एक फूल, बेवफ़ाई ने उखाड़ दिया उसकी जड़ से।
उसने दिया था वरदान प्यार का, मिला ज़हर बेवफ़ाई की थाली में।
उसके झूठ ने तले मेरे अरमान, आज उनकी राख भी नहीं बची यादों की धूप में।
बेवफ़ाई की बारिश ने भीगा दिया मन, और छोड़ दिया सुनसान राहों के कोने में।
उसके वादों ने बांधा था दिल को, धोखे ने घेरा उसे अँधेरे की मेहराब में।
प्यार की दुकान में बिक गया भरोसा, केवल वह खाली हाथ स्क्रीन वापस आ गई है।
बेवफ़ाई ने घसीटा मुझे अपनी ओर, अब कोई नहीं बचा साथ निभाने को।
उसकी बेवफ़ाई ने दिया एक नया सबक, अब संभलकर जोड़ता हूँ हर सांस को।
धोखे ने दिखाया मुझमें अँधेरा, पर उससे भी लड़कर निकली रौशनी। 🌟
वफ़ा के नाम पर टीस मिली मुझे, बेवफ़ाई ने भरी तन्हाई की चमक में।
उसने तोड़ा था दिल का फ़ंदा, मैंने बाँधा जिसकी हिम्मत की अंगड़ाई।
बेवफ़ाई ने लिखी अधूरी दास्ताँ, और मैं जीता हूँ उसकी ख़ामोशी के रंगों में।
धोखे की डोर खींची जब तक़दीर ने, मैंने लिखा खुद को एक नए अध्याय में।
प्यार की परतों में लिपटी थी ख़ुशियाँ, बेवफ़ाई ने उन्हें खोला और दिखा दी अक्लमंदी।
उसका छल सहज था गुलाब-सा, कांटे निकले जब सजनी ने दिया हाथ।
बेवफ़ाई की लकीरों में गड़ा मेरा सिक्का, अब खुद की क़ीमत भी मैंने पहचानी।
उसने कहा “हमेशा साथ रहेंगे,” वफ़ा के ज़माने में धोखा दे गया।
उसकी आँखों में जो आँसू दिखे, कभी मेरे प्यार के लिए नहीं थे।
ज़हर मिला वो जो प्यार का आंचल था, अब मुझे बाजार में भी उसी धोखे के साथ जीना पड़ेगा।
बेवफ़ाई ने मोड़ा मुझे अलग राहों पर, अब कोई निशाँ नहीं मिलता दिल के सवालों पर।
प्यार की परिभाषा सीखा उसने ख़ुद से, बेवफ़ाई की मिसाल लिखा मेरे जज़्बात में।
विश्वास के बाग़ में खिली थी कली, धोखे ने उसे ही जला दिया फुर्सत में।
उसने दी थी मेरे नाम उम्र की कसमें, उस रात सारे वादे चुपचाप बदल दिए गए।
बेवफ़ाई ने मुझको दे दिया सवेरा नया, पर अँधेरा रहा हर याद के पेड़ के नीचे।
उसकी बेवफ़ाई ने तोड़ा दिल का ताला, अब बस सजता है उस बंदीखाने का आला।
मुझे चाहिए था सिर्फ़ सच्चा हाथ, मिला धोखे का वरदान साथ-साथ।
उसकी बेवफ़ाई ने जितना मोड़ा मुझे, दर्द की चोटों ने उतना ही सींचा मुझे।
प्यार के बाजार में बिक गया ज़ख़्मी दिल, बेवफ़ाई की आंधी में उड़ गया सब।
उसने निभाया बस अपना फ़र्ज़ अधूरा, मैंने सीखा – भरोसा भी है एक फंदा ख़ौफ़नाक।
वफ़ा की कसमें थीं महज़ हवाओं की तरह, बेवफ़ाई ने महसूस कराई ज़मीन की बेरुखी।
उसकी बेवफ़ाई ने लिखी कहानी अधूरी, मेरे आँसू बने उस कहानी की पूरी ज़ुबानी।
प्यार के गीत गाए थे मिलकर दोनों, धोखे की तान पर थिरक गया फ़ासला रोबीन।
उसकी बेवफ़ाई से उभरी तस्लीम नई, मैंने सीखा – ख़ामोशी भी होती है गहरी शहादत।
उसने छोड़ा मुझको औ’ लगे इंतज़ार, अब खुद से ही पूछता हूँ – “क्यों किया प्यार?”
बेवफ़ाई का स्वाद चखा जब जुबाँ ने, तब जाना – वफ़ा भी है एक अनमोल दुआ।
धोखे ने मुझे सिखाया अपनी क़ीमत, अब कोई नहीं रोक सकता मेरे जिक्रों की रीत।
यादों और मोहब्बत की शायरी (Memories & Love Sad Shayari)
तेरी यादों की खुशबू से सुबह महके, हर सांस में तेरा एहसास जगमगाए। 🌸
दूर होते हुए भी तू पास रहता, यादों की राह बनकर दिल तक आता।
तेरी हँसी का सुर अब भी कानों में गूंजे, रातों की नींद में वो मीठा संगीत बजे। 🎶
यादों के फूल मुझको हर पल महकाते, तेरी मौजूदगी से दिल को सुकून पाते।
तेरी याद ने सजाया मन का आँगन, दर्द भी लगा प्यार का एक नया नोट।
कही खो गया था वो मुलाक़ात का जादू, अब केवल स्मृति ही आत्मा के शरीर को सहारा दे सकती है।
तस्वीरों से बात करता हूँ चुपके-चुपके, पर हकीकत में मिलता है एक नींद-सा धुँधलका।
तेरे बताए रास्ते पर चल आया हूँ, यादों के रास्ते ने जीना सिखाया।
तेरी आवाज़ की लहरों ने छुआ मन को, और मैं बह चला उन एहसास की नदी में।
तेरी यादों में डूबकर मुस्कुराया, दर्द भी मीठा लगा जब तू साथ आया।
यादों ने दिया मुझे मीठा ज़हर, पिया तो लगा तेरा ही रस बरस।
तेरी याद का जाम पीकर, हर शाम पर नया सुकून लिखा मैंने।
हर मोड़ पर मिलता है तेरा अक्स, यादों के आईने में बस तू ही तू दिखे।
तेरे बिना मौसम भी बीमार लगे, यादों की बारिश में भीग जाता हूँ बार-बार। 💧
तेरी यादें बुनती हैं परछाई, और मैं उसमें खुद को पाता हर राई।
दिल ने सींचा यादों के बगीचे को, खिले अरमान तेरी ताजगी से।
यादें कहती हैं – “तू अकेला नहीं,” और मैं कहता हूँ – “तेरी रूह से जीता हूँ।”
तेरी यादों की रातें सोना सिखाती, प्रत्येक तारा मुझे आपके करीब लाता है। ✨
यादों की चादर ओढ़े सोता हूँ, तेरे ख्यालों में ही सुबह पाता हूँ।
तेरी यादों का सूरज हर अँधेरी राह को रोशन करे, और मैं नए अरमानों की सुबह देखूँ तेरे नाम से।
तेरी याद ने दोस्त बना लिया दिल को, हर धड़कन में तेरा नाम सजा लिया दिल ने।
दूर होते हुए भी तेरा साथ मिलता है, यादों के फूल मुझको हर रोज़ महकाते हैं।
कभी तेरा हँसना कानों में गूँजता है, कभी तेरी आँखों की चमक आँखों में बसती है।
यादों की परछाई बनी रहती है मेरे साथ, जब मैं अपनी आँखें बंद करता हूँ, तो मुझे रात में तुम्हारी मुस्कान दिखाई देती है।
मैं हर शाम तुम्हारी याद की शराब पीता हूँ, दिल की प्यास बस तेरी यादों से बुझाता हूँ।
मौसम बदलते रहना, पर यादें नहीं बदलतीं, तेरी एक झलक ने ज़िंदगी बदल दी हमेशा के लिए।
तेरी याद के साथ बीतती है मेरी हर शाम, तेरी बातें सुनते-सुनते सो जाता हूँ मैं थाम।
दूरियाँ भी अब नज़र नहीं आती, यादों ने बना दिया दूरी को पास।
तेरी यादों ने रंग भर दिए, सूनी मेरी तन्हाई में बहार दे दिए।
जब हवा चली तेरी खुशबू साथ लाई, दिल ने सोचा - मुझे तुम्हारी याद तो नहीं आई पर मैंने कुछ बात उठा दी।
तेरे जाने के बाद भी तेरा अक्स रहता, मेरी रूह में तेरी याद महकता।
तेरी यादों ने सिखाया मुस्कुराना, दर्द भी प्यारा लगा तेरे नाम का बहाना।
हर रात तेरा ख़याल आता है, सुबह होते-होते तेरा नाम लेता है।
तेरी यादों की चादर में खुद को लपेट लेता हूँ, जब आपका नाम लिया जाता है तो दर्द भी मीठा हो जाता है।
बीते पलों की खुशबू अब भी बाँहों में महके, तेरी याद ने मेरे जीवन को फूलों से महके।
तेरी यादों के शहर में मैं खो सा जाता हूँ, हर मोड़ पर तेरा नाम ले लेता हूँ।
दिल ने सींचा यादों के बगीचे को, खिले अरमान तेरी हँसी के उजियारे से।
तेरी यादों में मेरा हर सपना ज़िंदा है, तेरी याद ने दी मुझे जीने की वजह सभी में।
हर धड़कन के साथ तेरी गूँज मिलती है, तेरी यादों ने मुझको फिर से जीना सिखाया है।
तेरी यादों की नदी में मैं खुद को बहा देता हूँ, हर लहर पर तेरा नाम ज्यों सजाए दिल को खिला देता हूँ।
दिल को छू लेने वाली साद शायरी (Heart Touching Sad Shayari)
तेरी मुस्कान की आहट ने रूह हिला दी, दिल के जख्मों पर भी खिल गया एक फूल। 🌹
आँखों में बसा दर्द उसका खुदा सा था, पर वो मुस्कान फिर भी हक़ीक़त से प्यारा था।
दिल ने तुझको घर बनाया, जुदाई ने महफ़िल-ए-यादों में बदल दिया।
तेरी खामोशी ने दी मुझको ज़िंदगी की क़ीमत, अब कोई भी सरगम नहीं बिना तेरी तर्ज़ पर।
रूह की तह में लिख दी कहानी तेरी, आँसू ने पढ़ ली उसे हर लफ़्ज़ की स्याही से। 😭
दर्द की परतों में तुम मिले एक मुस्कान बन, और मैं बच गया अँधेरे की आग से।
तेरी वफ़ा का आशियाना टूट गया, पर दिल का फ़रमान आज भी तेरे नाम चलता है।
जख्मों ने पूछा – “क्या अब भी उम्मीद है?” मैंने कहा – “तेरी याद में जीना ही तो हजार है।”
तेरे बिना साँसें भी थम सी गईं, पर दिल हर धड़कन में फिर भी तेरा नाम पुकारे।
दर्द ने कबोरा गहरा लिखा, पर तेरी याद ने उसमें नई जीत का सुर लगाया।
आँखों ने जब भी देखा तुझे ख्वाबों में, दिल ने कहा – “यहीं मिलते हैं हम हमेशा।”
तन्हा रातों ने गीदड़ भोंकने नहीं दिया, पर तेरी याद ने चुपके से दिल संभाला। 🌌
दर्द की गहराई ने मिलन का गीत लिखा, रूह ने साज़बाज़ किया हर दर्द को संगीत।
तेरी हर ख़ामोशी में छुपा एक संदेश था, जिसने दिल को फिर से जीना सिखाया।
आँसू की नदी बहा कर भी मुस्कुरा लिया, क्योंकि तुम्हारा नाम मेरी जीभ पर धनुष के रूप में था।
रूह की अदालत में दर्द को संग पाला, पर तेरी याद ने ही बँधा दिया मुझे फिर से।
हर टूटे ख्वाब ने दिखाया तेरा असर, और मैं फिर से खड़ा हुआ तेरे भरोसे पर।
तेरी याद की खुशबू से रोशन मेरी तन्हाई, दर्द भी अब लगे एक मधुर गीत की क़ुरान।
रूह के आईने में जब देखा तुझको, दिल ने कहा – “तू ही है मेरी ताज़ा सुबह।” ☀️
तेरे जाने की क़ीमत जो चुकाई मैंने, उसी में पाया लिखा तेरा नाम हर धड़कन में।
तेरी हस्ती ने खो दिया मुझे कहीं, मेरी रूह आज भी तुझमें ही ढूंढ़ती है कहीं।
आँखों में बसी कुछ अधूरी तस्वीरें, तुम्हारी यादें मेरे दिल की दीवारों पर तुम्हारा प्रतिबिंब बन गई हैं।
दिल का हर टुकड़ा तेरे नाम करता हूँ, टूटकर भी ज़िंदा रहे उस प्यार को सलाम।
दिल के वीराने में तेरा दीया जलता है, अँधेरों से लड़कर मेरे रूह ने हर पल लिखा है कविता।
तेरे बिना साँसें जैसे रुक सी गईं हैं, दिल की धड़कनें तुझसे मिलने को तरस गई हैं।
दर्द की हर परत मे तेरी आहट जमी है, रूह तक जाकर तेरे नाम की खुशबू खींची है।
आँखों ने लिखा है दर्द अपने अल्फ़ाज़ में, दिल ने पढ़ लिया उसे तेरी यादों के गाज़लों में।
हर गीत में तेरा सुर थिरकता है, दिल की तन्हाई में तेरी याद मिलकर झूमती है।
एहसासों ने बांधा मुझे तेरी चाहत से, दर्द ने आज़माया मुझे तेरी बेवफ़ाई से।
तेरे जाने की ख़बर ने रूह को हिला दिया, दिल के जख़्म ने फिर भी उस नाम को पाला दिया।
हर सुबह उठता हूँ तेरी याद बेचैन, दिल की हर धड़कन कहे – “तूँ ही है मेरी जान।”
तेरी खामोशी ने मुझको रुलाया है, दिल का संगीत तेरे नाम से महकाया है।
आँख भर कर देख लिया तुझे ख्वाबों में, दिल ने कहा – “यहीं बस तू ही मेरी आबो हवा है।”
तेरी जुदाई ने दी मुझे एक नई पहचान, अब दिल भी कहता है – “तूँ ही मेरा इंसान।”
तेरी याद ने लिखा है दिल की कथा, रूह ने गूँजा दी वो आवाज़ तमाम रहाह।
हर दर्द की आंच में निकली मधुर धुन, तेरे बिना दिखता नहीं कोई सुकून।
दिल ने बनाया था तुझे अपना घर, बिखर गया सब कुछ उस जुल्म की ठंडी डगर पर।
तेरी मुस्कान की आहट आज भी सुनाई देती, दिल की तन्हा तख़्ती उस लफ़्ज़ से महकाई देती।
मेरे पलकों पे बसी तेरी याद की बारिश, मेरी आत्मा भीग गई और उस बारिश में तुम्हारा नाम लिख दिया।
दिल के आर-पार तक पहुंचा तेरी मोहब्बत, जख्म भी मुस्कुरा उठे उस एहसास की जीवट में।
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